12वीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे करें? 15 मूल्यवान सुझाव जो IAS अधिकारियों ने बताये हैं 

आईएएस और आईपीएस की परिक्षाएं सबसे कठीन एवं प्रतिष्ठित परिक्षाएं हैं, जिन्हें उत्तीर्ण करने का सपना भारत में कई लोग देखते हैं और हर वर्ष लाखों लोग भाग लेते हैं लेकिन इसमें उत्तीर्ण बहुत ही कम हो पाते हैं इसलिए इन परीक्षाओं की तैयारी 12वीं के तुरंत बाद ही शुरू कर दी जाती है

इसलिए आज इस आर्टिकल में 12वीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे करें? सुनियोजित तरीके से एक सटीक रणनीति बनाकर ias ki taiyari kaise karen के बारे में 15 मूल्यवान सुझाव बताने वाले हैं, जो कि पूर्व आईएएस अधिकारियों ने ही सुझाए हैं

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फुल आर्टिकल एक नजर में

आईएएस बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या है?

12वीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे कैसे करें इसके लिए आपको सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि IAS बनने के लिए कितनी परिक्षाएं होती हैं, क्या कोर्स होता हैं और शैक्षणिक योग्यता क्या है ताकि आप एक सुनियोजित योजना बनाकर उसके अनुसार पढ़ाई करके कम से कम समय में इस परीक्षा में उत्तीर्ण हो पाएं

ग्रैजुएशन (स्नातक)

IAS या IPS के लिए UPSC की सिविल सर्विस एग्जाम में उत्तीर्ण होना आवश्यक है, और UPSC एग्जाम फॉर्म को Apply करने के लिए आपके पास ग्रैजुएशन होनी आवश्यक है, हालांकि आप ग्रैजुएशन के अंतिम वर्ष यानी 3rd Year में भी UPSC फॉर्म के लिए आवेदन कर सकते हैं

ग्रैजुएशन के दौरान आपको 3 वर्ष का समय मिलता है लेकिन कड़ी मेहनत और सुव्यवस्थित तरीके से लगातार पढ़ाई कर आप 18 महिनों में ही यूपीएससी की तैयारी कर सकते हैं

एग्जाम पैटर्न 

IAS या IPS के लिए एग्जाम तीन चरण में होते हैं, यानी प्रीलिमिनरी एग्जाम, मेंस एग्जाम और इंटरव्यू जिनका आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) करवाती है बेहतर होगा अगर आप इन तीनों परिक्षाओं की तैयारी एक सही रणनीति बनाकर 12वीं कक्षा के तुरंत बाद ही शुरू दे

12वीं के बाद आईएएस बनने की रणनीति?

12वीं कक्षा में उत्तीर्ण होने के तुरंत बाद आपको किसी भी विषय में ग्रैजुएशन की पढ़ाई शुरू करनी है जो सामान्यत: 3 वर्षों में पूर्ण होता है, पर इसी ग्रैजुएशन टाइम प्रीयड में ही आपको आईएएस परीक्षा की तैयारी के लिए समय निकालना है

इसके लिए आप ग्रैजुएशन के पहले या दूसरे वर्ष से ही यूपीएससी प्रीलीम्स व मेन्स परिक्षा की तैयारी शुरू कर सकते हैं और दूसरे व तीसरे वर्ष के मध्य में वैकल्पिक विषय की तैयारी शुरू कर सकते हैं साथ ही दुसरे वर्ष में ही आपको निर्णय लेना है कि आप कौनसा वैकल्पिक विषय लेंगे

वैकल्पिक विषय की तैयारी भी बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वैकल्पिक विषयों के मेन्स में दो पेपर होते हैं यह पेपर आपकी समग्र योग्यता स्थिति में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, हालांकि इन वैकल्पिक विषयों की तैयारी चार से पांच महीनों में की जा सकती हैं

अब स्नातक के अंतिम तीसरे वर्ष में आपको उत्तर लेखन का अभ्यास, टेस्ट सीरीज का अभ्यास, संशोधित करना आदि से संबंधित तैयारी करनी है

इस तरह आप आईएएस के लिए 12वीं कक्षा के तुरंत बाद तैयारी शुरू कर सकते हैं और ग्रेजुएशन के इन 3 वर्षों में लगातार 6 घंटो की पढ़ाई के साथ अच्छी तैयारी कर सकते है, हालांकि आप कड़ी मेहनत से यूपीएससी की तैयारी 18 महिनों में भी कर सकते है लेकिन सभी लोगों की पढ़ाई करने की क्षमता अलग-अलग होती है

12वीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे करें? 15 मूल्यवान सुझाव जो IAS अधिकारियों ने बताये हैं

आईएएस भारत में शीर्ष सम्मानित पद है जिसके लिए हर वर्ष लाखों लोग आवेदन करते हैं पर चयनित बहुत ही कम लोग हो पाते हैं क्योंकि इसके लिए सबसे कठिन परीक्षाएं होती हैं, इसलिए आईएएस की तैयारी 12वीं के तुरंत बाद ही शुरू कर देनी चाहिए

जानिए 12वीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे करें? 15 मूल्यवान सुझाव जो पूर्व आईएएस अधिकारियों ने बताये हैं और वे खुद भी इसी सुनियोजित योजना का अनुसरण कर IAS बन पाए हैं

1. सिलेबस को जाने

किसी भी परिक्षा की तैयारी के लिए सिलेबस जानना बेहद आवश्यक होता है और फिर उस सिलेबस के लिए कौनसी किताबे सही है, इसके बारे में भी जानना बेहद आवश्यक है तभी आप संबंधित परीक्षा की उचित ढंग से तैयारी कर सकते हैं

अगर आईएएस तैयारी की बात करे तो इसकी तैयारी की शुरूआत NCERT व NIOS किताबों से करे, और यूपीएससी परिक्षा के सिलेबस को भी साथ में रखे आप ग्रैजुएशन के समय किसी एक विषय में से ही परिक्षा के मुख्य चरण के लिए विषय चुने

और इसके अलावा दूसरे चयनित वैकल्पिक विषयों के लिए आप स्टडी मटेरियल का चयन करे या फिर एक्सपर्ट की सलाह ले

2. सिलेबस के अनुसार टाइम टेबल बनाए

सिलेबस जानने के बाद आपको यह निर्धारित करना है कि आप उस सिलेबस को कितने समय में पूरा कर सकते हैं और इसके लिए प्रत्येक दिन मुझे कितने घंटे पढ़ाई को देने हैं

मतलब प्रत्येक दिन के प्रतिघंटे के हिसाब से टाइम टेबल बनाए और उस टाइम टेबल में कम से कम 6 घंटे पढ़ाई को जरूर दे, पढ़ाई के अलावा अन्य समय में न्यूज पेपर व टीवी न्यूज देखे, और कंपटिशन पेपर सॉल्व करें

अंत में बचे हुए समय में आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे और कुछ मनोरंजन के लिए पढ़े

  1. ग्रैजुएशन प्रथम वर्ष में प्रिलीम्स और मैन्स की तैयारी करे,
  2. द्वितीय वर्ष में 4-6 महिनें वैकल्पिक विषय की तैयारी करे,
  3. तृतीय वर्ष में लेखन शैली और टेस्ट सीरीज पर ध्यान दे और पुन: अध्ययन करें

नोट: ग्रैजुएशन के पूरे समय प्रिलीम्स और मैन्स की तैयारी को साथ-साथ चलने दे

3. खुद के नोट्स बनाए

आईएएस पद भारत देश का सबसे बड़ा पद माना जाता है, और इस पद के लिए कई प्रकार की पढ़ाई भी करनी पड़ती है, ऐसे में आपको कई तरह के सिलेबस भी पढ़ने पड़ते हैं इसलिए इन सिलेबस को नोट्स के रूप में लिखना आवश्यक है ताकि आपके खुद से लिखे नोट्स जल्दी समझ आ सके

अपने नोट्स को क्विक नोट्स में बनाए, ताकि आपको नोट्स पढ़ने में मजा भी आए और जल्दी से पुन: रिविजन भी किया जा सके, क्विक नोट्स से आप पुराने विषयों को आसानी से दुबारा याद कर सकते हैं क्विक नोट्स बनाने के लिए आप चार्ट, कलर पेन्स, सिंबल चीट आदि का उपयोग कर सकते हैं

इसके अलावा आप नोट्स को और भी रोचक बनाने के लिए प्लेसकार्ड्स भी बना सकते हैं

4. नियमित पढ़ाई की आदत बनाए

अगर आईएएस या आईपीएस की तैयारी करनी है तो आपको नियमित पढ़ाई करनी होगी, और इसके लिए आप कोई समझौता नही करेंगे नियमित पढ़ाई करना आपकी आदत बन जानी चाहिए जिसके लिए आपको सुबह एक निश्चित समय पर उठना है और एक निश्चित क्रियाविधि को अपनाना है

अपने प्रतिदिन के क्रियाविधि में आपको कम से कम 6 घंटे पढ़ाई को देने हैं, और उसके अलावा आपको करंट अफेयर्स, न्यूज पेपर, देश-विदेश के न्यूज चैनल, कंपटीशन एग्जाम से संबंधित पत्रिकाए जैसे अनेक चीजो को भी एक निश्चित समय देना है

अत: नियमित पढ़ने की आदत बनाए और फ्री टाइम में कुछ नया सिखने की कोशिश करे

5. लगातार मोटिवेट रहें

आईएएस बनना एक बहुत बड़ा लक्ष्य होता है और ऐसे लक्ष्य को पूरा करने की हिम्मत कम ही लोगों में होती है इसलिए ऐसे में हो सकता है कई लोग आप पर विश्वास ना करे और आपको नकारात्मक सलाह दे कि यह आपके बस की बात नहीं है कोई और काम ढूंढ लो इसमें क्यों अपना समय बरबाद कर रहे हो आदि आदि

लेकिन आपको ऐसे लोगों से दूर ही रहना है और हमेशा सकारात्मक विचार ही अपने दिमाग में लाएं क्योंकि नकरात्मक विचार वाला व्यक्ति सौ संभावनाओं में भी आसंभावना को ही देखता है, और सकारात्मक विचार का व्यक्ति सौ असंभावनाओ में भी खोज निकालता है इसलिए जब अन्य लोग आईएएस बन सकते है तो आप भी बन सकते है।

मोटिवेशन के लिए आप आईएएस अधिकारियों की जीवनी पढ़ सकते हैं और किसी सकारात्मक व्यक्ति से मिल सकते है

6. अखबार पढ़े और देश-विदेश की खबर रखें

एक काबिल आईएएस या आईपीएस अधिकारी का देश-विदेश की सभी ताजा खबरों से अपडेट रहना आवश्यक हैं इसीलिए इस पद के तीनों परिक्षा चरणों में करेंट अफेयर्स को अहम भूमिका दी गयी है

करेंट अफेयर्स में राजनैतिक, ऐतिहासिक, सामाजिक और आर्थिक जगत में होने वाली सभी हलचलों की जानकारी रखी जाती हैं

इन जानकारीयों के लिए आपको रोजाना अखबार और देश-विदेश की खबरे पढ़नी चाहिए, खबरों को आप रूचि के साथ पढ़े ना कि उन्हें याद करने के उद्देश्य से, हमेशा नयी चीजों को सीखने की पूरी कोशिश करें और जब भी लोगों के साथ बैठे तो अपने देश के मुद्दों पर चर्चा करें

7. मुद्दों पर अपनी राय बनाना सीखें

किसी भी मुद्दे पर सही और न्यायपूर्वक राय बनाना भी एक कला और कौशल होता है जिसका उपयोग बड़े प्रश्नों का उत्तर लिखने और विशेष रूप से व्यक्तित्व परीक्षण में किया जाता है, साथ ही इंटरव्यू में भी आपके सामने कुछ दृश्यों को रखा जाता है जिन पर आपको खुद की सही और न्यायोचित राय रखनी होती है

और इस कौशल को रातों रात तैयार नही किया जा सकता है इसलिए आपको सही राय बनाने की कला को भी समय रहते विकसित करना होगा इसके लिए देश में हो रही सभी राजनैतिक और कानूनी घटनाओं पर नजर रखे और यह देखें कि अंत में क्या फैसला लिया गया

8. कम्यूनिकेशन स्किल को उत्कृष्ट बनाए

एक आईएएस ऑफिसर के कम्यूनिकेशन का तरीका विशेष और आकर्षक होना चाहिए, आपके शब्द बिल्कुल भी फिजुल नही होने चाहिए और जब भी बातचीत करें तो आपके बातचीत में आत्मविश्वास होना चाहिए

इसके लिए अपने शब्दों को सोच-समझकर ही बोले, और बहुत कम समय और सटीक शब्दों में अपनी बात को रखने की पूरी कोशिश करे

अपने गुस्से पर नियंत्रण रखते हुए दिमाग से काम लें और सही तरह से बातचीत करें, क्योंकि आपके शब्दों पर हजारों-लाखों लोगों की नजर व कान होते हैं

9. निष्पक्ष विश्लेषण करना सीखें

एक आईएएस अधिकारी बनने के लिए तैयारी के साथ साथ अपनी सोच को विकसित करना बेहद आवश्यक है यानी किसी भी मुद्दे के किसी भी आयाम पर स्वार्थरहित एक निष्पक्ष विश्लेषण करना क्योंकि आज के समय मुद्दों के व्यक्तिगत, सामाजिक, कानूनी, राजनैतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक आयाम जैसे कई आयाम होते हैं

इसलिए आप प्रत्येक मुद्दे पर सभी आयामों के आधार पर अपनी सोचने की कला को विकसित करें ताकि निष्पक्ष रूप से एक सही फैसला लिया जा सके, क्योंकि एक आईएएस अधिकारी के फैसले का देश की व्यवस्था को बनाने में बहुत ही अहम रोल होता है

10. पॉजिटिव माहौल की संगत रखें

कोई व्यक्ति सफल होगा या नहीं, वह बनेगा और क्या नहीं ये सब पूरी तरह से व्यक्ति की संगत और उसकी सोच पर निर्भर करता है, क्योंकि यदि आप 4 मूर्ख लोगों के साथ रहते हैं तो इस बात की पूरी संभावना है कि पांचवे मूर्ख आप बन जाते हैं

और ठीक इसी प्रकार यदि आप 4 बुद्धिमान व्यक्तियों के साथ रहते हैं तो निस्संदेह 5वे बुद्धिमान व्यक्ति आप बन जाते हैं इसलिए हमेशा सकारात्मक सोच रखने वाले और हमेशा कुछ सीखने के इच्छुक व्यक्तियों की संगत रखें जो आपको ज्ञान को निखारते रहें और लगातार मोटिवेट करते रहें

11. लिखने व बोलने की कला का विकास

IAS व IPS के दुसरे चरण की परिक्षा मेन्स में सभी उत्तर आपको पैरेग्राफ में लिखने होंगे, इसलिए निर्धारित समय और शब्द सीमा में लिखने की पूरी कोशिश करे क्योंकि इस परिक्षा में नकारात्मक अंक के कारण नंबर कटने का भी डर रहता है

इसलिए पहले से ही कम शब्दों में सटीक उत्तर लिखने का अभ्यास करें, और प्रत्येक प्रश्न को 8 से 9 मिनट का समय दे साथ ही मॉक टेस्ट की भी पूरी तैयारी करें

12. प्रीवियस IAS Exam पेपर को असली एग्जाम मानकर हल करें

समय समय पर आईएएस परीक्षा के पहले के वर्षों के प्रश्नपत्र को अपने खुद के समय में समय, नकारात्मक अंक आदि को ध्यान में रखकर एकदम असली परीक्षा के जैसा मानकर हल करें

इससे आपको समय के हिसाब से प्रश्नों को अटैंड करने की क्षमता, गलत उत्तर देनेे सेे अंको में कटौती और घबराहट यानी Exam fear का अच्छे से अनुभव हो जाएगा जिससे आप समय रहते, असली परीक्षा से पहले ही अपनी गलतियों में सुधार ला सकते हैं

13. कभी मायूस ना हो हमेशा अच्छा सोचे

छोटी मोटी समस्याएं हर किसी की लाइफ में आती रहती हैं, कुछ खुद की गलतियों के कारण तो कुछ अन्य किसी कारण से इसलिए कभी भी मायूस ना हो, थोड़े समय को भी जाया ना करे बल्कि उसका सदुपयोग करे यानी बात चाहे कितनी भी बिगड़ जाए उसे सुधारने की कोशिश करे ये ना सोचे कि अब तो बहुत लेट हो गया अब क्या फायदा आदि

जैसे उदाहरण के लिए आपने सुबह उठकर 3 बजे से 7 बजे तक पढ़ाई करने के लिए अलार्म लगाई पर किसी कारणवश आप उठ ना पाए और 5 बजे आपकी नींद खुली तो यह सोचकर दुबारा ना सोये कि अब क्या फायदा अब तो बहुत लेट हो गया बल्कि यह सोचे कि जो दो घँटे बचे हैं उनमें तो पढ़ाई कर ही सकते हैं, नहीं तो ये भी खराब हो जाएंगे

14. लक्ष्य के प्रति अडिग रहे अटूट मेहनत करे

यदि एक बार आपने आईएएस बनने की सोच ली है तो फिर पीछे मुड़कर बिल्कुल ना देखे बल्कि अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहे और आईएएस बनने में अपनी पूरी शक्ति लगा दे यानी यदि आपको आईएएस की तैयारी करने में कोई भी समस्या आये तो

ये ना सोचे कि अब यह मुझसे नहीं हो पायेगा बल्कि उसका समाधान खोजे और यह सोचे कि इसे मैं कैसे और किस प्रकार से कर सकता हूं क्योंकि कोई भी मुसीबत चाहे कितनी भी बड़ी हो उसका समाधान जरूर होता है

15. आईपीएस पद के लिए सही उम्मीदवार बने

यूपीएससी हमेशा इस पद के लिए सही उम्मीदवार की तलाश करती है, जिनका कोई एक सही लक्ष्य हो, और वह लक्ष्य ओरिएंटेड हो। इस पद के लिए आपके पास सोचने की अच्छी क्षमता होनी चाहिए, और भावनात्मक टीम भावना, नेतृत्व गुण, आत्मविश्वास, दृढ़ विश्वास का साहस, अच्छा संचार कौशल आदि जैसे गुण होने चाहिए।

इसके अलावा देश की अतिरिक्त गतिविधियों में सक्रीय भुमिका होनी चाहिए, जैसे खेल घटनाएं, वाद-विवाद और सांस्कृतिक गतिविधियां इत्यादि

कोचिंग के बिना आईएएस की तैयारी कैसे करें?

देखिए कोचिंग में कोई विशेष मन्त्र नहीं पढ़ाए जाते बल्कि सिलेबस के अनुसार आईएएस के लिए सब्जेक्ट का एक निश्चित टाइम टेबल बनाकर और अनुशासन में रहकर निरंतर पढ़ाई करने की आदत डाली जाती है

इसलिए कोई भी व्यक्ति जो खुद के मन से अनुशासन में रहकर और सिलेबस के अनुसार टाइम टेबल बनाकर रेगुलर पढ़ाई कर सकता है, वह कोचिंग के बिना भी आईएएस की तैयारी आराम से कर सकता है

यदि आप यह आर्टिकल 12वीं के बाद IAS Ki Taiyari Kaise Karen में बताये गए 15 सुझावों का पालन कर  पढ़ाई करते हैं तो यकीन मानिए आप कोचिंग के बिना आईएएस की तैयारी आराम से कर सकते हैं

FAQ’s

Q.1 आईएएस की सैलरी कितनी है?

7वें वेतन आयोग के अनुसार एक आईएएस ऑफीसर की सैलरी 56,100 – 2,50,000 रुपये तक होती है

Q.2 आईएएस बनने के लिए कितनी लंबाई चाहिए?

आईएएस बनने के लिए लंबाई आवश्यक योग्यता नहीं है, लंबाई की जरूरत आईपीएस बनने के लिए होती है

Q.3 आईएएस बनने के लिए सबसे अच्छा सब्जेक्ट कौन सा है?

मानविकी, इस विषय को UPSC पढ़ाई का गढ़ माना जाता है और इसी की पढ़ाई करने कैंडिडेट सबसे ज्यादा संख्या में आईएएस क्रैक करते हैं

Q.4 IAS और IPS में कौन सा पड़ बड़ा है?

एक आईएएस अधिकारी का वेतन, आईपीएस अधिकारी की तुलना में ज्यादा होता है और एक क्षेत्र में सिर्फ एक IAS अधिकारी ही होता है, जबकि IPS अधिकारियों की संख्या आवश्यकता के अनुसार होती है, अतः एक IAS अधिकारी का पद, वेतन और अधिकार के मामले में IPS से बड़ा होता है

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निष्कर्ष

आईएएस भारत में शीर्ष सम्मानित पद है जिसके प्रत्येक वर्ष लाखों लोग परीक्षा देते हैं लेकिन इसमें सफल बहुत ही कम लोग हो पाते हैं क्योंकि इसके लिए परीक्षाएं सबसे कठिन होती हैं, इसलिए आईएएस बनने के लिए 12वीं कक्षा के तुरंत बाद ही शुरू कर जाती है

इस आर्टिकल में 12वीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे करें (IAS Ki Taiyari Kaise Karen) से संबंधित सभी मुल्यवान सुझावों के बारे में विस्तार से बताया है जो आपको आईएएस की तैयारी करने में काफी मददगार साबित होंगे

इसलिए यदि आपको हमारा यह आर्टिकल 12वीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे करें? 15 मूल्यवान सुझाव जो IAS अधिकारियों द्वारा बताए गए हैं पसंद आया तो इसे दोस्तों के साथ शेयर करके अपने विचार कमेंट में जरूर बताएं

1 thought on “12वीं के बाद आईएएस की तैयारी कैसे करें? 15 मूल्यवान सुझाव जो IAS अधिकारियों ने बताये हैं ”

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